PRIM के बारे में सवाल
17 में से 17 सवाल
PRIM की बुनियादी बातें
PRIM का पूरा नाम क्या है?
Portfolio Managers Route for Investing in Mutual Fund units — यानी म्यूचुअल फंड यूनिट्स में निवेश के लिए पोर्टफोलियो मैनेजर्स रूट। अधिसूचित नियमों में इसे Portfolio Management Service Route for Investment in Mutual Fund units कहा गया है। यह SEBI (पोर्टफोलियो मैनेजर्स) रेगुलेशंस, 2026 के तहत एक रूट है।
PRIM कब शुरू होगा?
PRIM समेत SEBI (पोर्टफोलियो मैनेजर्स) रेगुलेशंस, 2026 1 अप्रैल 2027 से लागू होंगे।
न्यूनतम निवेश कितना है?
प्रति क्लाइंट ₹25 लाख। सामान्य PMS के लिए ₹50 लाख चाहिए।
PRIM पोर्टफोलियो में क्या रखा जा सकता है?
भारतीय AMC के म्यूचुअल फंड के डायरेक्ट प्लान, जिनमें ETF, इंडेक्स फंड और स्पेशलाइज़्ड इन्वेस्टमेंट फंड (SIF) शामिल हैं। इसमें सीधे अलग-अलग शेयर या बॉन्ड नहीं रखे जा सकते।
केवल डायरेक्ट प्लान क्यों?
डायरेक्ट प्लान के एक्सपेंस रेशियो में डिस्ट्रीब्यूटर कमीशन नहीं होता। PRIM में क्लाइंट पोर्टफोलियो मैनेजर को अलग से फ़ीस देता है, इसलिए खर्च साफ़ दिखता है।
PRIM मैनेजर कितनी फ़ीस ले सकता है?
फ़िक्स्ड मैनेजमेंट फ़ीस सालाना एसेट्स के 1% तक सीमित है। इसके ऊपर परफ़ॉर्मेंस फ़ीस ली जा सकती है। 2026 के नियमों में पोर्टफोलियो मैनेजरों के लिए अपफ़्रंट फ़ीस प्रतिबंधित है।
क्या PRIM म्यूचुअल फंड जैसा ही है?
नहीं। म्यूचुअल फंड कई निवेशकों का पैसा एक स्कीम में जोड़ता है। PRIM एक अलग से मैनेज किया जाने वाला खाता है जिसमें आपके लिए चुनी गई कई म्यूचुअल फंड स्कीमें होती हैं।
डिस्ट्रीब्यूटरों और मैनेजरों के लिए
क्या म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर PRIM दे सकता है?
केवल SEBI में पोर्टफोलियो मैनेजर के रूप में रजिस्टर होने के बाद। कोई फ़र्म ₹2 करोड़ नेटवर्थ के साथ केवल PRIM के लिए रजिस्टर कर सकती है। इसके बाद PRIM के काम और क्लाइंट को डिस्ट्रीब्यूशन से अलग रखना होगा, एक्रेडिटेड निवेशकों को छोड़कर।
केवल-PRIM रजिस्ट्रेशन के लिए क्या चाहिए?
₹2 करोड़ नेटवर्थ; एक प्रिंसिपल ऑफिसर जो ग्रेजुएट, CFA या CA हो, सिक्योरिटीज़ मार्केट में दो साल का अनुभव और सरल NISM सर्टिफ़िकेशन रखता हो; एक अलग कंप्लायंस ऑफिसर; कम से कम एक और कर्मचारी; और SEBI फ़ीस ₹1 लाख (आवेदन) और ₹10 लाख (रजिस्ट्रेशन)।
क्या मौजूदा पोर्टफोलियो मैनेजरों को नया रजिस्ट्रेशन चाहिए?
नहीं। मौजूदा पोर्टफोलियो मैनेजर ₹25 लाख न्यूनतम वाले एक अलग इन्वेस्टमेंट अप्रोच के ज़रिए PRIM दे सकते हैं।
इंडिपेंडेंट फंड मैनेजर क्या है?
ऐसा फंड मैनेजर जो किसी रजिस्टर्ड पोर्टफोलियो मैनेजर के साथ मिलकर, SEBI द्वारा तय शर्तों पर, क्लाइंट पोर्टफोलियो मैनेज करता है। इंडिपेंडेंट फंड मैनेजर के कामों की पूरी ज़िम्मेदारी रजिस्टर्ड पोर्टफोलियो मैनेजर की रहती है।
संचालन की कौन-सी बातें अभी बाकी हैं?
SEBI ने कहा है कि कुछ सीमाएँ और संचालन की बारीकियाँ अलग से बताई जाएँगी। इनमें ऑर्डर देना, कस्टडी और मिलान (रीकंसिलिएशन), रिपोर्टिंग फ़ॉर्मेट और मौजूदा मैनेजरों के लिए बदलाव की व्यवस्था शामिल है।
एक्रेडिटेड निवेशक
एक्रेडिटेड निवेशक कौन होता है?
SEBI के ढाँचे के तहत एक्रेडिटेड निवेशक, जिसे कम निवेशक-सुरक्षा नियमों वाले उत्पाद (जैसे कम न्यूनतम राशि) लेने में सक्षम माना जाता है। व्यक्ति आय, नेटवर्थ, या 2026 से ₹5 करोड़ के सिक्योरिटीज़-मार्केट निवेश के आधार पर योग्य हो सकते हैं।
निवेशक को एक्रेडिट कौन कर सकता है?
एक्रेडिटेशन एजेंसियाँ (CDSL Ventures और NSDL Database Management), और अब 2026 के बदलावों के तहत AIF मैनेजर, SIF देने वाली AMC और खुद पोर्टफोलियो मैनेजर।
एक्रेडिटेशन कितने समय तक मान्य है?
उसी मैनेजर के उत्पादों के लिए मैनेजर द्वारा किया गया एक्रेडिटेशन तीन साल तक मान्य रखने का प्रस्ताव है, और एजेंसी एक्रेडिटेशन भी इसी अवधि के अनुरूप होगा।
PRIMSetu के बारे में
क्या PRIMSetu का SEBI से कोई संबंध है?
नहीं। PRIMSetu एक स्वतंत्र सूचना सेवा है। जहाँ भी संभव हो, हम SEBI के अपने दस्तावेज़ों का लिंक देते हैं।
क्या PRIMSetu पोर्टफोलियो मैनेजरों की सिफ़ारिश करता है?
नहीं। डायरेक्टरी SEBI-रजिस्टर्ड पोर्टफोलियो मैनेजरों को निष्पक्ष रूप से सूचीबद्ध करती है। हम किसी मैनेजर या स्कीम को रैंक, रेट या सिफ़ारिश नहीं करते।
PRIMSetu एक स्वतंत्र सूचना सेवा है। इसका SEBI से कोई संबंध नहीं है, और यह निवेश सलाह नहीं देती और न ही किसी स्कीम या पोर्टफोलियो मैनेजर की सिफ़ारिश करती है।